24 फरवरी 2026 से देश के प्रमुख शहरों में 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹111 की बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। यह फैसला सरकारी तेल कंपनियों द्वारा लिया गया है, जिसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार पर पड़ेगा। हालांकि राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम परिवारों को फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं झेलना पड़ेगा।
महानगरों में नई दरें लागू
नई दरों के अनुसार दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर अब ₹1,580.50 में मिलेगा। कोलकाता में इसकी कीमत बढ़कर ₹1,795 हो गई है। मुंबई में उपभोक्ताओं को यह ₹1,642.50 में उपलब्ध होगा, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत ₹1,849.50 तक पहुंच गई है। चेन्नई में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे वहां के खान-पान कारोबारियों की लागत और बढ़ेगी।
तेल उद्योग के जानकारों का कहना है कि नवंबर और दिसंबर 2025 में जो मामूली कटौती की गई थी, यह बढ़ोतरी लगभग उसे संतुलित कर देती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव को भी इसकी एक वजह माना जा रहा है।
होटल और फूड इंडस्ट्री पर बढ़ेगा दबाव
वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों, ढाबों और कैटरिंग सेवाओं में किया जाता है। कीमत बढ़ने से इन व्यवसायों की संचालन लागत सीधे बढ़ जाएगी। पहले से ही कच्चे माल, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हो रही है, ऐसे में गैस की महंगाई अतिरिक्त दबाव पैदा कर सकती है।
उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लागत लगातार बढ़ती रही तो आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों के लिए यह स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को राहत
घरेलू 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹853 पर स्थिर है, जबकि मुंबई में यह ₹852.50 में मिल रहा है। अन्य महानगरों में भी दरें पूर्ववत बनी हुई हैं। इससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों को फिलहाल राहत मिली है।
घरेलू गैस की कीमत स्थिर रहने से महंगाई का सीधा असर रसोई बजट पर नहीं पड़ेगा, जो आम लोगों के लिए राहत भरी खबर है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिला सहारा
Pradhan Mantri Ujjwala Yojana के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। घरेलू सिलेंडर की कीमतों में स्थिरता इन लाभार्थियों के लिए सकारात्मक संकेत है। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राहत देना है, इसलिए घरेलू कीमतों को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, कच्चे तेल के दाम और सरकारी नीतियों पर निर्भर करती हैं। यदि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहता है तो आने वाले महीनों में फिर से कीमतों में बदलाव संभव है। फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से व्यापारिक क्षेत्र प्रभावित होगा, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत बरकरार है।
निष्कर्ष
फरवरी 2026 में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹111 की वृद्धि ने होटल और खान-पान उद्योग की लागत बढ़ा दी है। इसका असर धीरे-धीरे उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है। हालांकि घरेलू गैस की कीमत स्थिर रहने से आम परिवारों और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को फिलहाल राहत मिली है। आने वाले समय में तेल कंपनियों और सरकार के अगले फैसलों पर सभी की नजर बनी रहेगी।